पर्यावरण मंत्री एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आनंद विहार हॉटस्पॉट का जायजा लिया, DPCC की AI‑सक्षम ICCC सुविधा का निरीक्षण किया
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने हाल ही में आनंद विहार हॉटस्पॉट का दौरा किया, जहां वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) की शास्त्री पार्क स्थित AI‑सक्षम ICCC (Integrated Command and Control Centre) सुविधा का निरीक्षण किया और वास्तविक समय में हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने वाली तकनीक की सराहना की।
आनंद विहार में वायु प्रदूषण की चुनौतियाँ
आनंद विहार क्षेत्र ट्रैफिक भीड़, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन के कारण लगातार उच्च PM2.5 और PM10 स्तरों से जूझ रहा है। मंत्री ने बताया कि यहां पर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है, जिसमें सड़कों की नियमित स्वEEपिंग, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना शामिल है।
DPCC की AI‑सक्षम ICCC सुविधा का अवलोकन
शास्त्री पार्क में स्थित इस उन्नत केंद्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेंसर नेटवर्क लगाए गए हैं, जो हवा में प्रदूषक कणों की सांद्रता को सेकंड‑लेवल पर मापते हैं। प्राप्त डेटा को बड़े स्क्रीन पर ग्राफ़िकल रूप में दिखाया जाता है, जिससे अधिकारियों को तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है। मंत्री ने इस प्रणाली को “वायु प्रबंधन का भविष्य” बताया और इसके विस्तार को अन्य प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में करने की बात कही।
मुख्य विशेषताएँ
- real‑time PM2.5, PM10, NO₂ और SO₂ मॉनिटरिंग
- स्वचालित चेतावनी प्रणाली जो सीमा पार होने पर प्रशासन को सूचित करती है
- इतिहास डेटा का विश्लेषण करके प्रदूषण के स्रोतों की पहचान
आगामी कदम और सुझाव
मंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान जैसी सामाजिक पहलों के साथ पर्यावरणीय प्रयासों को जोड़ने की आवश्यकता है। साथ ही, दिल्ली की रिंग रोड पर सफाई और धूल नियंत्रण जैसे निरीक्षण अभियान को नियमित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों से समन्वय बढ़ाने और जन जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। स्रोत: PIB प्रेस रिलीज़.
